शर्मनाक- जेल में परिजनों से मिलने पहुंचे बच्चों के चेहरे पर लगा दी मुहर – दि फिअरलेस इंडियन
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शर्मनाक- जेल में परिजनों से मिलने पहुंचे बच्चों के चेहरे पर लगा दी मुहर

  • hindiadmin
  • August 8, 2017
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आप सोच रहे होंगे यह फोटो बंधुआ मजदूरों की है. नहीं, बल्कि हमारे आपके जैसे ही आम लोगों की है. जो रक्षाबंधन पर भोपाल की सेंट्रल जेल में अपने परिजनों से मिलने पहुंचे थे. दरअसल, जेल में परिजनों को कैदियों से मिलने से पहले पहचान चिन्ह के लिए इस तरह की सील हाथ पर लगाई जाती है, ताकि कोई कैदी भीड़ का फायदा उठाकर बाहर न निकल जाए.

रक्षाबंधन के दिन एक कैदी के दो बच्चे अपनी माँ के साथ पिता से मिलने जेल गए तो जेल के स्टाफ ने उनके मुंह पर ही मुहर का निशान लगा दिया. जेल स्टाफ द्वारा मासूमों के प्रति दिखाई गई संवेदनहीनता का यह मामला अब तूल पकड़ रहा है. एडीजी, जेल गाजीराम मीणा ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिये हैं. जेल मंत्री कुसुम मेंहदेले ने भी जांच कराने की बात कही है, लेकिन सेंट्रल जेल के अधीक्षक दिनेश नरवरे यह मानने को तैयार नही हैं कि बच्चों के मुंह पर मुहर लगा कर उनके स्टाफ ने कोई गलती की है.

HD Image of bhopal central jail puts stamp on face of childrens साठी प्रतिमा परिणाम

मामला सामने आने के बाद गाजीराम मीणा ने यह माना है कि जेल मैन्युअल में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है कि कैदी से मुलाकात करने आने वाले व्यक्ति के शरीर पर कोई मुहर लगाई जाये, लेकिन फिर भी जेलों में यह परंपरा रही है. उन्होंने कहा, ‘आमतौर पर हाथ पर ही कोई भी निशान या मुहर लगाई जाती है. बच्चों के मुंह पर मोहर लगाया जाना पूरी तरह से गलत है. मैनें इसकी जांच के आदेश दे दिये है. जो भी व्यक्ति दोषी पाया जायेगा उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे.’

उधर जेल मंत्री ने भी जांच की बात कही है, लेकिन भोपाल सेंट्रल जेल के अधीक्षक इस मामले में अपने स्टाफ की गलती मानने को तैयार नही है. उन्होंने तर्क दिया है कि रक्षाबंधन की वजह से कई हजार लोग जेल में कैदियों से मिलने पहुंचे थे जिसकी वजह से स्टाफ को यह तरीका अपनाना पड़ा. इस बीच बाल अधिकार कार्यकर्ता और मध्यप्रदेश बाल आयोग के सदस्य विभांशु जोशी ने बच्चों के चेहरे पर मुहर लगाये जाने की घटना को बहुत गंभीर बताया है. जोशी का कहना है कि यह बाल अधिकार कानून का उल्लंघन है. ऐसा करने वाले जेलकर्मी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए. मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है.

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