मोदी सरकार की बड़ी सफलता, तीन साल में विदेशों से वापस लाई गईं २४ प्राचीन मूर्तियां – दि फिअरलेस इंडियन
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मोदी सरकार की बड़ी सफलता, तीन साल में विदेशों से वापस लाई गईं २४ प्राचीन मूर्तियां

  • hindiadmin
  • August 21, 2017
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नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से २०१४ से अब तक विदेशों से २४ प्राचीन वस्तुएं लाई गयी हैं. जिनमें चोल शासकों के समय की श्रीदेवी की धातु की प्रतिमा और मौर्य काल की टेराकोटा की महिला की मूर्ति शामिल हैं. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने एक पीटीआई संवाददाता की आरटीआई अर्जी के जवाब में बताया कि इन २४ प्राचीन वस्तुओं में से १६ अमेरिका से, ५ आस्ट्रेलिया से और १-१ वस्तुएं कनाडा, जर्मनी और सिंगापुर से लाई गईं. इनमें बाहुबली और नटराज की भी एक-एक प्रतिमाएं हैं.

जवाब के अनुसार, साल २०१४ से २०१७ के बीच इन देशों ने स्वेच्छा से प्राचीन वस्तुएं लौटा दीं. एएसआई ने इस बात का ब्योरा नहीं दिया कि भारत की अमूल्य विरासत का प्रतिनिधित्व करने वाली ये प्राचीन वस्तुएं किस तरह देश से ले जाई गयीं.

एएसआई ने कहा कि १३ पुरातनकालीन वस्तुएं अब भी हैं जिन्हें स्विट्जरलैंड समेत दूसरे देशों से लाया जाना है. सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि भारत सरकार से चोरी करके ले जाई गयीं प्राचीन वस्तुओं को कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से वापस लाने पर जोर दे रही है. अमेरिका से जो वस्तुएं भारत वापस लाई गयी हैं, उनमें तमिलनाडु के चोल वंश की श्रीदेवी की प्रतिमा और बाहुबली की धातु की प्रतिमा शामिल हैं.

एएसआई के मुताबिक संत मन्निक्कावचाका की कांस्य प्रतिमा, श्री गणेश और पार्वती की धातु की प्रतिमाएं भी अमेरिका से वापस आई हैं. अमेरिका ने दुर्गा की पत्थर की प्रतिमा, नृत्य की भाव-भंगिमा में नटराज की पत्थर की एक प्रतिमा आदि भी भेजी हैं. आस्ट्रेलिया में स्थित गौतम बुद्ध की एक मूर्ति, नटराज और अर्द्धनारीश्वर की प्रतिमाएं भेजी हैं. एएसआई के मुताबिक सिंगापुर से उमा परमेश्वरी की, कनाडा से एक पैरट लेडी की और जर्मनी से जम्मू कश्मीर से ताल्लुक रखने वाली दुर्गा (महिषमर्दनी) की प्रतिमाएं वापस भेजी गयी हैं.

एएसआई ने कहा, ‘‘लंदन में भारतीय उच्चायोग को ब्रह्मा और ब्रह्माणी की मूर्तियां सौंप दी गयी हैं.’’ अभी अमेरिका से विष्णु की एक प्रतिमा और तंजौर की पेंटिंग्स वापस लाई जानी हैं. इसी तरह स्विट्जरलैंड से वाराह और जैन तृथंका की पत्थर की मूर्तियां भी वापस लाई जानी हैं.

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