शर्मनाक: हिंदुस्तान और हिंदू धर्म को बदनाम करने के लिए बॉलीवुड सेलेब्स की पोस्टरबाजी – दि फिअरलेस इंडियन
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शर्मनाक: हिंदुस्तान और हिंदू धर्म को बदनाम करने के लिए बॉलीवुड सेलेब्स की पोस्टरबाजी

  • hindiadmin
  • April 17, 2018
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कठुआ में 8 साल के बच्ची के साथ बलात्कार हुआ, इस बात को लेकर पूरा देश आज गुस्से में है। हालांकि कुछ फिल्मी सितारे जल्दी में हैं और कठुआ मामले को लेकर वे देश को बदनाम करने का अभियान चला रहे हैं की अब उन्हें भारतीय होने में भी शर्म आ रही है। बॉलीवुड का यह पाठ भारत को बलात्कारी देश तक कह रहा है। इन्हें हिंदू धर्म में बुराइयां नजर आ रही हैं और देव स्थान को बलात्कार का स्थान घोषित करने की कुत्सित कोशिश जारी है।

दरअसल ये वही लोग हैं जो 8 अप्रैल को सासाराम में मेराज आलम द्वारा हिंदू बच्ची से बलात्कार करने वाले पर कुछ नहीं कहते। ये वही जमात है जो 4 अप्रैल को मुंबई में मोहम्मद अजमेर शेख द्वारा एक 4 साल की बच्ची के बलात्कार पर खामोश रहते है। ये वही कुनबा है जो असम, बंगाल में हिंदू महिलाओं पर हो रहे अत्याचार-बलात्कार पर कुछ नहीं बोलता। ये वही जमात हैं जिन्होंने कश्मीर में हजारों हिंदू महिलाओं की अस्मत तार-तार करने वालों पर कभी कुछ नहीं कहता। ये सिलेक्टिव हैं और अपनी सहूलियत के हिसाब से ही मुद्दे उठाते हैं और उसे भुनाते हैं।

बहरहाल जिस अंदाज में एक घटना को पूरे हिंदू समुदाय से जोड़ दिया गया है, वह बेहद ही घिनौना है। देश के उन सौ करोड़ लोगों का अपमान किया जा रहा है जो स्वाभाविक ही नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति से ही सेक्यूलर चरित्र के हैं। आइये हम उनके बारे में भी जानते हैं जिन्होंने हिंदुस्तानी समाज को बदनाम करने का बीड़ा उठाया है, उन्होंने कैसे अपने पक्षपातपूर्ण रवैये से देश और हिंदू धर्म दोनों का नुकसान पहुंचाया है।

जावेद अख्तर ने ट्वीट कर लिखा, जो भी लोग महिलाओं के हित में और उनके लिए जस्टिस मांग रहे हैं उन्हें इस घटना को जानने के बाद स्टैंड लेना चाहिए और आवाज उठानी चाहिए। बलात्कारियों के खिलाफ आवाज उठाइए। उन लोगों के खिलाफ भी आवाज उठाइए जो उन्नाव और कठुआ में बचाना चाहते हैं।”

जावेद अख्तर का यह ट्वीट उनके दोहरे रवैये की पोल खोलता है। दरअसल उन्होंने इस मामले पर अब तक 38 ट्वीट किए हैं, जबकि सासाराम, मुंबई और सूरत में नाबालिगों से बलात्कार के मामले में एक शब्द तक नहीं कहा है। जाहिर है वहां आरोपी हिंदू नहीं बल्कि मुस्लिम धर्म से ताल्लुक रखने वाले हैं।

फरहान अख्तर ने ट्वीट किया कि – ”यह बहुत ही जरूरी सवाल है। एक आठ साल की बच्ची जो अभी कुछ जानती भी नहीं थी उसके साथ कई दिनों तो कई लोगों ने रेप किया वह भी … देवस्थल में। अतुल्नीय भारत!!’’

फरहान अख्तर ने हिंदू धर्म पर कटाक्ष किया तो भारतीयता पर भी तंज कसा। ऐसे ये जनाब वही हैं जिन्होंने कासगंज में तिरंगा यात्रा में मुस्लिमों द्वारा  तिरंगा यात्रा के विरोध किए जाने को उचित ठहराया था। उन्होंने लिखा था, ”26 जनवरी को जुम्मा था, क्या हिंदुओं को उस दिन मुस्लिम बाहुल्य इलाके से तिरंगा यात्रा निकालने और वंदे मातरम के नारे लगाने से नहीं बचना चाहिए था।’’ हालांकि बाद में विवाद बढ़ता देख अपने इस बयान से मुकर गए थे और ट्वीट को फेक करार दिया था।

सोनम ने एक और ट्वीट किया और अपने हिंदुस्तानी होने पर शर्म जताई। 8 साल की लड़की का देव-स्थान में रेप हुआ। उन्होंने लिखा, फेक नेशनल्स और फेक हिंदुओं को शर्म आनी चाहिए, मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि यह हमारे देश में हो रहा है।”

सोनम कपूर के बारे में जान लीजिए कि वह कांग्रेस पार्टी को फॉलो करती हैं। स्पष्ट है कि यह क्या कनेक्शन है और वे कहां से निर्देशित हैं। यह भी स्पष्ट है कि किस योजना के तहत हिंदुओं को बदनाम करने के लिए ऐसे ट्वीट किए जा हैं।

स्वरा भास्कर ने लिखा, ”एक 8 साल की बच्ची के साथ बलात्कार और फिर हत्या हुई क्योंकि वह मुस्लिम जनजाति की थी, जिसे हिंदू राइट विंग के गुंडे उस इलाके से निकालना चाहते थे।”

स्वरा भास्कर के बारे में जानना आवश्यक है कि यह जेएनयू से पढ़ी हैं और फ्लॉप अभिनेत्री हैं। दूसरा यह कि ये वही हैं जिसने पद्मावत विवाद पर कहा था कि वह खिलजी की सेक्स स्लेव बनना पसंद करतीं बजाय जौहर करने के। जाहिर है जिसकी मानसिकता ही किसी की सेक्स स्लेव बनने की है उसके बारे में और क्या कहा जा सकता है?

सिमी ग्रेवाल ने लिखा,  इस दुनिया में इससे ज्यादा बर्बर कोई जाति नहीं है, इतने शैतान आसिफा के रेपिस्ट। ऐसे लोगों के लिए इस अपराध की कोई सजा नहीं हो सकती है।”

अपराध पर उनका गुस्सा वाजिब है, परन्तु एक पूरी जाति और धर्म को कठघरे में खड़ा करने वाली सिमी ग्रेवाल ने 2015 ‘असहिष्णुता कैंपेन’ के दौरान काफी सक्रिय भूमिका निभाई थी।

कठुआ में बच्ची के साथ बलात्कार हुआ है या नहीं ये कोई नहीं जानता। दरअसल जम्मू पुलिस अपनी ही रिपोर्ट को तीन बार बदल चुकी है। दूसरा यह कि डॉक्टर ने भी दो बार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बनाए गए हैं। तीसरा यह कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जो खुद मुस्लिम है गुलाम अहमद मीर, वो भी कह चुके है की महबूबा सरकार इस मामले में असल दोषियों को बचा रही है। चौथा यह कि जम्मू कश्मीर सरकार इस पूरी घटना को सीबीआई को सौंपने को तैयार नहीं है। पांचवां यह कि आरोपी सीबीआई जांच करने की मांग के साथ ही नार्को टेस्ट की मांग खुद ही कर रहा है। छठा यह कि वहां के मुस्लिम समुदाय के लोग भी इस घटना को साजिश बता रहे हैं। सातवां यह  कि इसे सांप्रदायिक रंग देकर देश को बदनाम करने की कोशिश हो रही है।

इस पूरे मामले में नामी-गिरामी हस्तियों ने जिस तरह से अपरिपक्वता दिखाई है और असंवेदनशील होते हुए हिंदू और हिंदुस्तान को बदनाम करने के कुत्सित अभियान में साथ दिया है, वह बेहद निंदनीय है।

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