फीफा वर्ल्ड कप में भारत के लिए गोल दागकर जैक्सन ने रचा इतिहास – दि फिअरलेस इंडियन
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फीफा वर्ल्ड कप में भारत के लिए गोल दागकर जैक्सन ने रचा इतिहास

  • hindiadmin
  • October 10, 2017
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‘भारत के लिए खेलना बचपन से मेरा सपना रहा है और मेरी जिंदगी बदल गई है. इस वर्ल्ड कप में मुझे भारत की जर्सी पहनने का इंतजार है. लेकिन मुझे अपने परिवार की स्थिति की चिंता है’, 16 साल के जिस खिलाड़ी ने वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ये बातें कही थीं तब उसे शायद अंदाजा भी नहीं होगा कि वह अगले कुछ दिनों में ऐसा इतिहास लिखने जा रहा है जो भारतीय फुटबॉल इतिहास में हमेशा अमर रहेगा. जैक्सन ने कोलंबिया के खिलाफ भारत के ग्रुप-ए के मैच में 82वें मिनट में संजीव स्टालिन के पास पर हेडर से गोल दागकर अपना नाम भारतीय फुटबॉल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से अंकित करा लिया.

इस खिलाड़ी का नाम है जैक्सन सिंह, जो 9 अक्टूबर को कोलंबिया के खिलाफ अंडर-17 वर्ल्ड कप में गोल दागकर फीफा वर्ल्ड कप में भारत के लिए गोल दागने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं. ये नया इतिहास लिखने वाले जैक्सन सिंह की जिंदगी का सफर काफी उतार-चढ़ावों से भरा रहा है. उनके लिए इस मुकाम तक पहुंचना कतई आसान नहीं रहा है. आइए जानें नया इतिहास लिखने वाले जैक्सन सिंह के बारे में 5 ऐसी बातें जो आप नहीं जानते होंगे.

1.जैक्सन का जन्म 21 जून 2001 को मणिपुर के थऊबाल जिले के हाओखा ममांग गांव में हुआ. वह हैं तो मणिपुर के लेकिन पंजाबी भी खूब धड़ल्ले से बोल लेते हैं. इसकी वजह है चंड़ीगढ़ स्थित फुटबॉल ऐकेडमी से लंबे समय तक ट्रेनिंग लेना. जैक्सन 2010 में ही अपनी फुटबॉल प्रतिभा को निखारने के लिए अपने घर से करीब 2700 किलोमीटर दूर चंडीगढ़ स्थित चंड़ीगढ़ फुटबॉल अकादमी (सीएफए) से जुड़ गए थे.

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2.जैक्सन भारतीय अंडर-21 टीम के लिए भी खेल चुके हैं और मिडफील्डर हैं. अपने करियर की शुरुआत उन्होंने डिफेंसिव मिडफील्डर के तौर पर की थी. उनके पहले कोच खुद उनके पिता थे. उनकी प्रतिभा को देखकर उनके बड़े भाई ने उन्हें उच्चस्तरीय कोचिंग के लिए चंडीगढ़ अकादमी से जुड़ने के लिए कहा. बाद में जैक्सन पंजाब स्थित ही मिनर्व पंजाब की टीम के साथ जुड़े और लगातार दो सालों तक मिनर्व पंजाब को एआईएफएफ अंडर-15 और अंडर-16 खिताब जितवाने में अहम योगदान दिया.

3.फीफा अंडर-17 फुटबॉल टीम के भारतीय कप्तान अमरजीत सिंह कियाम जैक्सन सिंह के चचेरे भाई हैं. 2015 में जब फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप के लिए भारत की संभावित टीम का चयन किया गया तो उसमें जैक्सन सिंह का नाम नहीं था.

4.जैक्सन ने भारत की वर्ल्ड कप की संभावित टीम के खिलाफ हुए मैच में मिनर्व पंजाब का नेतृत्व करते हुए उसे 1-0 से जीत दिलाई. जैक्सन का ये कमाल भारतीय टीम के कोच नोर्टन डि माटोस का ध्यान खींचने के लिए काफी था और उन्होंने तुरंत ही इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी को भारतीय टीम में शामिल कर लिया.

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5.जैक्सन 2010 में जब चंडीगढ़ रवाना हुए तो उनके लिए सब कुछ ठीक था. लेकिन इसके बाद 2015 में उनके पिता पर स्ट्रोक अटैक के कारण उनकी पुलिस की नौकरी छूट गई और उनका परिवार आर्थिक संकट में घिर गया. उनकी मां सब्जियां बेचकर घर का खर्च चलाती हैं. इस युवा खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी चिंता उनके परिवार की आर्थिक स्थिति है.

उम्मीद है कि जैक्सन द्वारा फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप में यादगार प्रदर्शन के बाद अब इस युवा खिलाड़ी को इस चिंता से भी मुक्ति मिल जाएगी.

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