…तो क्या टीम इंडिया का ऑल राउंडर का इंतजार खत्म हुआ? – दि फिअरलेस इंडियन
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…तो क्या टीम इंडिया का ऑल राउंडर का इंतजार खत्म हुआ?

  • hindiadmin
  • September 26, 2017
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1994 में कपिल देव ने जब अंतराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था, तब से अब तक टीम इंडिया कपिल की तरह एक शानदार ऑल राउंडर के लिए तरसती रही है. कपिल से पहले ऑल राउंडर के रूप में जिन्होंने सबसे ज्यादा नाम कमाए थे, वह थे वीनू मांकड़. उन्होंने भारत के लिए 44 टेस्ट मैच खेले थे और 5236 रन के साथ-साथ 162 विकेट हासिल किए थे. मांकड़ वनडे नहीं खेल पाए थे. उनके रिटायरमेंट के 14 साल के बाद भारत ने वनडे मैच खेलना शुरू किया था. इसके बाद फिर कपिल देव का दौर शुरू हुआ. टेस्ट और वनडे मैचों में ऑल राउंडर के रूप में कपिल जमते गए. कपिल देव का साथ देने के लिए रवि शास्त्री भी आए. शास्त्री को भी ठीक-ठाक ऑल राउंडर माना जाता था, लेकिन कपिल की तरह कोई भी खिलाड़ी नाम नहीं कमा पाया. 1998 में अजित अगरकर ने जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया, तब ऑल राउंडर के रूप में उनसे भी काफी उम्मीदें बंधी थीं. हालांकि वह ज्यादा सफल साबित नहीं हो पाए.

उम्मीद पर खरे नहीं उतर पाए ये खिलाड़ी-
1999 में विजय भारद्वाज का जब टीम में चयन हुआ था, तो अपने पहले वनडे सीरीज में ऑल राउंडर के रूप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था और मैन ऑफ़ द सीरीज भी बने थे. लोगों को लग रहा था भरद्वाज भारत के लिए एक अच्छा ऑल राउंडर साबित हो सकते हैं, लेकिन वह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए. भारद्वाज भारत के लिए सिर्फ 10 वनडे और तीन टेस्ट खेल पाए. कभी यह भी माना जाता था कि कपिल देव के बाद लक्ष्मी रतन शुक्ला भारत के लिए अच्छा ऑल राउंडर साबित हो सकते हैं. शुक्ला ने 137 प्रथम श्रेणी मैच खेलते हुए 6217 रन बनाए थे और 172 विकेट लेने में कामयाब हुए. 1999 में शुक्ला का भारतीय टीम में चयन हुआ था लेकिन वह कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए. उनका अंतराष्ट्रीय करियर सिर्फ तीन मैच में खत्म हो गया.

ऑल राउंडर के रूप में इरफान पठान का प्रदर्शन-
2003 में भारतीय टीम में चयन से पहले ऑल राउंडर के रूप में इरफान पठान ने प्रथम श्रेणी के मैचों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था. फिर पठान का भारतीय टीम में चयन हुआ और उन्होंने ऑल राउंडर के रूप में अच्छा प्रदर्शन भी किया. ऐसा लगा जैसे कपिल देव के बाद पठान भारत के सबसे अच्छे ऑल राउंडर साबित होंगे. हरभजन के बाद पठान दूसरे ऐसे भारतीय गेंदबाज हैं, जो टेस्ट मैच में हैट्रिक लेने में कामयाब हुए. लेकिन चोटों की वजह से पठान को कई बार टीम से बाहर बैठना पड़ा.

पठान ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि बार-बार चोटिल होने के चलते उनका क्रिकेट करियर खतरे में है. पठान भारत के लिए 120 एकदिवसीय मैच खेलते हुए करीब 23 के औसत से 1544 रन बनाए हैं और 173 विकेट लेने में कामयाब हुए. अगर टेस्ट मैच की बात की जाए तो उन्होंने 29 मैचों में करीब 32 के औसत से 1105 रन बनाए हैं और 100 विकेट लेने में सफल हुए. टेस्ट में पठान ने एक शतक और छह अर्धशतक जमाए, जबकि वनडे  में उनके नाम पांच अर्धशतक हैं. 2012 में पठान ने भारत के लिए अपना अंतिम वनडे मैच खेला था. भारतीय टीम में वापसी के लिए अभी भी पठान की कोशिशें जारी हैं.

टेस्ट मैचों में रविचंद्रन अश्विन का ऑल राउंडर के रूप में प्रदर्शन-
टेस्ट क्रिकेट में अश्विन एक अच्छे ऑल राउंडर साबित हो रहे हैं. टेस्ट क्रिकेट में अश्विन ने अपनी बल्लेबाजी से भी सबको प्रभावित किया है. टेस्ट में अगर बल्लेबाजी की बात की जाए तो अश्विन 52 मैचों में करीब 33 की औसत से 2035 रन बना चुके हैं, जिसमें चार शतक और 11 अर्धशतक शामिल हैं. दुनिया के बेहतरीन ऑल राउंडर के रूप में नाम कमाने वाले कपिल देव, सर रिचर्ड हेडली से भी टेस्ट मैचों में अश्विन का औसत ज्यादा है. टेस्ट में बल्लेबाज के रूप में कपिल देव का औसत 31 के करीब है, जबकि सर हेडली का 27 के करीब. अगर इयॉन बॉथम की बात किए जाए तो उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 33 के औसत से रन बनाए हैं. गेंदबाजी की बात की जाए तो अश्विन 52 मैचों में 292 विकेट ले चुके हैं. ऑल राउंडर के रूप में एकदिवसीय क्रिकेट में अश्विन का कोई खास प्रदर्शन नहीं रहा.

शानदार ऑल राउंडर के रूप में सफल होंगे पांड्या?
इंदौर वनडे में जीत के बाद विराट कोहली ने हार्दिक पांड्या की तारीफ करते हुए कहा कि टीम इंडिया को नया स्टार मिल गया है. कोहली ने ऑल राउंडर के रूप में पांड्या की काफी तारीफ की. कल के मैच में पांड्या ने 78 रन बनाए और एक विकेट भी लिया. उन्हें मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया. पांड्या ऑल राउंडर के रूप में वनडे और टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. पांड्या ने अभी तक सिर्फ तीन टेस्ट खेले हैं और 59 के औसत से 178 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है. वह चार विकेट लेने में भी कामयाब हुए हैं.

अगर वनडे की बात की जाए तो 24 मैच खेलते हुए पांड्या ने करीब 41 के औसत से 489 रन बनाए हैं और 28 विकेट चटकाए हैं. अगर पांड्या इस तरह का प्रदर्शन जारी रखने में सफल रहे, तो कपिल देव के बाद वह भारत के सबसे सफल ऑल राउंडर बन सकते हैं.

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