कनाडा का PM बन सकता है यह भारत का सरदार – दि फिअरलेस इंडियन
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कनाडा का PM बन सकता है यह भारत का सरदार

  • hindiadmin
  • October 3, 2017
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भारत से सात समुद्र दूर कनाडा में पंजाब की झलक साफ-साफ दिखती है. हर साल हजारों भारतीय कनाडा में जाकर बसते हैं और यहां आकर नौकरी या बिजनेस की तलाश करते हैं. लेकिन इस बार बात कुछ अलग है, भारतीय मूल के सिख जगमीत सिंह को कनाडा की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी ‘न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी’ ने 2019 के प्रधानमंत्री चुनाव के लिए अपना नेता चुन लिया गया है. जगमीत सिंह कनाडा की किसी बड़ी पार्टी का नेतृत्व करने वाले पहले अश्वेत बन गए हैं. अपनी इस जीत पर खुशी जताते हुए जगमीत सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा, ”न्यू डेमोक्रेटिक आपका शुक्रिया, पीएम पद के लिए रेस आज से शुरू होती है.”

बता दें कि कनाडा में 2019 में प्रधानमंत्री पद के लिए चुनाव होना है जिसमें पीएम जस्टिन ट्रूडो की लिबरल पार्टी के खिलाफ पार्टी का नेतृत्व करने के लिए उन्हें न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी का नेता चुना गया है. कनाडा की तीसरी प्रमुख पार्टी के नेता के लिए हुए चुनाव में जगमीत सिंह दूसरे उम्मीदवारों के मुकाबले 54 प्रतिशत वोट मिले.

वह साल 2013 में सांसद बने थे. अपने पद से इस्तीफा देकर मई 2017 में एनडीपी के अध्यक्ष पद के लिए वह मैदान में उतरे थे. उन्होंने इस मुकाबले में सांसद चार्ली एंगस, निकी एश्टन और गाई कैरन को हराया. जीत के बाद उन्होंने कहा कि वह जलवायु परिवर्तन, जातीय लोगों के साथ सुलह और चुनाव सुधार मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे.

रंगीन पगड़ियों के शौकीन जगमीत सिंह, इस देश के एक प्रमुख संघीय राजनीतिक दल का नेतृत्व करने वाले, अल्पसंख्यक समुदाय के पहले सदस्य हैं. साल 1979 में ओंटारियो के स्कारबोरो में जन्मे सिंह के माता-पिता पंजाब से यहां आए थे. साल 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के खिलाफ कनाडा में आवाज उठाई थी.

साल 2013 में वह बरनाला के पैतृक गांव ठीकरीवाला आना चाहते थे. लेकिन यूपीए सरकार ने उन्हें वीजा नहीं दिया था. इसके बाद उन्होंने कहा था, क्या मैंने सिखों पर हुए अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई, इसलिए वीजा नहीं दिया गया?

राजनीति में आने से पहले वकील थे सिंह
उन्होंने 2001 में यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ओंटारियो से जीवविज्ञान में स्नातक किया और 2005 में यॉर्क यूनिवर्सिटी के ओस्गुड हॉल लॉ स्कूल से कानून की डिग्री भी हासिल किया है. राजनीति में आने से पहले वह ग्रेटर टोरंटो में वकील के तौर पर काम करते थे. कनाडा की जनसंख्या में सिखों की हिस्सेदारी लगभग 1.4 प्रतिशत है. देश के रक्षा मंत्री भी इसी समुदाय से आते हैं.

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