पीएम मोदी और पीएम शिंजो ने देश की पहली बुलेट ट्रेन का किया शिलान्यास – दि फिअरलेस इंडियन
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पीएम मोदी और पीएम शिंजो ने देश की पहली बुलेट ट्रेन का किया शिलान्यास

  • hindiadmin
  • September 14, 2017
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भारत में अब बुलेट ट्रेन सपना नहीं हकीकत होगी. जापान की बुलेट ट्रेन की कहानी किताबों में पढ़कर बड़ी हुई पीढ़ी को अब २०२२ तक बुलेट ट्रेन में सफ़र करने का मौका मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के पीएम शिंजो एबी के साथ मिलकर बुलेट ट्रेन परियोजना का शिलान्‍यास कर दिया है. अब भारत को अगले पांच सालों में अपनी पहली बुलेट ट्रेन मिल जाएगी.

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कल मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि १५ अगस्त २०२२ तक बुलेट ट्रेन देश में दौ़ड़ने लगेगी. पहली बार जापान ने १९६४ में बुलेट ट्रेन तैयार की थी. तब से बुलेट ट्रेन स्पीड का पर्याय माना जाने लगा. १९५० में जापान की राजधानी टोक्यो में चार करोड़ पचास लाख लोग रहा करते थे. बढ़ती आबादी और उससे पैदा होने वाले सड़क जाम की स्थिति को देखते हुए जापान सरकार ने हाई स्पीड रेल सर्विस के बारे में सोचना शुरू किया.

दुनिया के जिन देशों में हाई स्पीड ट्रेन चलती हैं, उनमें ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, चाइना, फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, स्वीडन, ताइवान, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका और उजेबकिस्तान शामिल हैं. दुनिया भर में सबसे ज्यादा हाइ स्पीड ट्रैक का नेटवर्क चीन के पास है. चीन के पास २२,००० किलोमीटर लंबी हाइस्पीड रेलवे ट्रैक है. दुनिया में सबसे तेज बुलेट ट्रेन चीन में चलायी जाती है. करीब ३५० किमी प्रति घंटा से दौड़ने वाली रेल १२५० किमी की यात्रा साढ़े चार घंटे में ही पूरी कर लेती है. भारत में इतनी दूरी जम्मू से भोपाल के बराबर है.

हमेशा भारत के साथ खड़ा रहा जापान:
चीन के साथ हालिया डोकलाम विवाद पर जब दुनिया के बड़े देश बैलेंस्ड कमेंट्स कर रहे थे, तब जापान ही वह देश था जिसने खुलकर भारत का सपोर्ट किया था. जानते हैं रिश्तों की तरह आखिर कैसे महत्वपूर्ण है ये बुलेट ट्रेन, इसको लेकर लोगों के मन में तमाम उत्‍सुकताएं हैं. तो चलिए कुछ खास विशेषताओं पर एक नजर डालते हैं-

१.कूल लागत पांच साल में १,१०,००० करोड़ रुपए खर्च होंगे. सालाना खर्च २०,००० करोड़ रुपए पड़ेगा. जापान ८८,००० करोड़ रुपए कर्ज ०.१% की ब्याज दर से दे रहा है. पूरा कर्ज ५० सालों में लौटाना है.

२.समय अहमदाबाद से मुंबई तक ५०८ किमी का सफर सिर्फ तीन घंटे में तय होगा. अभी सात से आठ घंटे का समय लगता है.

३.स्‍टेशन पहला स्‍टेशन साबरमती होगा, जिसके बाद बुलेट ट्रेन अहमदाबाद, आनंद/नादिया, वडोदरा, भरच, सूरत, बिलीमोरा, वापी, बोइसर, विरार और ठाणे स्‍टेशन होते हुए मुंबई पहुंचेगी.

४.ट्रेन की खासियत पूरे ट्रैक का ९२ फीसदी हिस्‍सा यानी ४६८ किमी एलिवेटिड होगा. ६ फीसदी यानी ३० किमी मार्ग सुरंग में होगा. वहीं २ फीसदी यानी १० किमी मार्ग जमीन पर होगा.

५.रफ़्तारबुलेट ट्रेन की अधिकतम रफ्तार ३५० किलोमीटर प्रति घंटा होगी.

६.क्षमता शुरुआती दौर में १० डिब्बे होंगे. इनमें ७५० यात्री बैठ सकेंगे.

७.रोजगार- प्रत्‍यक्ष और अप्रत्‍यक्ष रूप से लगभग ४० हजार लोगों को रोजगार मिलेगा. २० हजार लोगों को बुलेट ट्रेन की वजह से निर्माण क्षेत्र में ४ हजार ऑपरेशन में और २० हजार अप्रत्यक्ष रूप से लोगों को रोजगार मिलेगा. इसके अलावा पूरे रूट में शहरी औद्योगिक विकास को गति मिलेगी.

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