रेल हादसों पर लालू ने BJP पर साधा निशाना – दि फिअरलेस इंडियन
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रेल हादसों पर लालू ने BJP पर साधा निशाना

  • hindiadmin
  • September 8, 2017
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एक दिन में तीन ट्रेन हादसे होने के बाद एक बार फिर से केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय विपक्षी दलों के निशाने पर आ गए हैं. इसी कड़ी में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने एक बार फिर बीजेपी को अपने निशाने पर लिया है. लालू ने पटरी से ट्रेन उतरने को लेकर कहा कि जिस तरह से पटरी से ट्रेनें उतर रही हैं. उससे साफ दिखाई दे रहा है कि सरकार कितने काम कर रही है. लालू ने अपने ही अंदाज में ट्वीट करते हुए लिखा है कि दिन में तीन-तीन ट्रेनें पटरी से उतर गईं, इसलिए कहता हूं, खूंटा बदलने से भैंस ज्यादा दूध नहीं देती है बल्कि उसके लिए उसे संतुलित आहार और खुराक देने की जरूरत होती है. तब जाकर वो दूध देती है.

इससे पहले भी लालू ने तंज कसा था कि खूंटा बदलने से क्या भैंस ज्यादा दूध देगी. वहीं रेल हादसों के चलते सुरेश प्रभु ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और उनकी जगह पर अब पीयूष गोयल ने रेल मंत्रालय संभालने की जिम्मेदारी उठाई है.

बता दें कि पीयूष गोयल को रेल मंत्रालय देने से भी कोई खास असर नहीं पड़ा है बल्कि उनके पद संभालते ही एक दिन में तीन ट्रेनें पटरी से उतर गई. पिछले एक महीने में यह पांचवां ट्रेन हादसा है. बीते गुरुवार सुबह यूपी के सोनभद्र में रेल हादसे के बाद दोपहर में राजधानी दिल्ली में भी रांची राजधानी एक्सप्रेस पटरी से उतर गई. यह हादसा शिवाजी ब्रिज के पास हुआ है, हालांकि दुर्घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है. वहीं मुंबई-पुणे के बीच खंडाला में मालगाड़ी पटरी से उतर गई थी, जिसके बाद ट्रेन की समय सारणी में परिवर्तन किया गया.

वहीं खंडाला मध्य रेखा के डीएन लाइन ब्रेक डाउन के बाद लम्बी दूरी की ट्रैनों के लिए लोकल १० ट्रैनों को रद्द किया गया, ५ ट्रेनों को कुछ समय के लिए रास्ते में रोक दिया गया हैं एवं ३ ट्रैन का रूट बदला गया.

पुरानी रेल पटरियों को तत्काल बदलें : गोयल
इसी कड़ी में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अधिकारियों को पुरानी रेल पटरियों को तत्काल बदलने का निर्देश दिया है. साथ ही रेलवे बोर्ड से दुर्घटना की आशंका वाले हिस्सों में नयी लाइनों के निर्माण के लिए चिह्नित मार्ग परवर्तित करने को कहा है. उन्होंने नयी रेलों की खरीद का काम तेज करने का भी आदेश दिया, ताकि लंबित प्रोजेक्टस में पटरियां बिछाने का काम पूरा हो. उन्होंने बोर्ड को इंजनों में कोहरा रोधी एलइडी लाइटें लगाने का आदेश भी दिया, ताकि सर्दियों में ट्रेनों की निर्बाध एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके.

लालूप्रसाद यादव जिस तरह से बोल रहे है, क्या उनके रहते यह सब होता तो क्या वह अपने काम में इतनी सतर्कता दिखाते जैसे रेल मंत्री दिखा रहे है? या यु कहें लालू जी के रहते यह सब नहीं होता. यह मैं नहीं लालूप्रसाद यादव जी ने जिस अंदाज में ट्वीट किया है वहीं जाहिर कर रहा है. अगर लालू जी रेल मंत्री रहते भी तो क्या उन्हें अपने घोटालों से फुरसत मिलती? नहीं तो फिर वहीं अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हट जातें. लोग मरते है तो मरने दो, लेकिन हम कुछ नहीं करेंगे. पीयूष गोयल ने रेलगाड़ियों के सुरक्षित परिचालन को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. इन सब बातों को सराहने के बजाय उनको ही बोल लगाए जा रहे है. क्या यह सही है?

आपको क्या लगता है, क्या लालूप्रसाद यादव रेल मंत्री का पद ना मिलने से सदमे में हैं?

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