शराब बंदी बिहार में स्टॉक निकालने के लिए ३१ जुलाई तक का वक्त – सुप्रीम कोर्ट – दि फिअरलेस इंडियन
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शराब बंदी बिहार में स्टॉक निकालने के लिए ३१ जुलाई तक का वक्त – सुप्रीम कोर्ट

  • Shyam kadav
  • May 29, 2017
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भारत एक ऐसा देश है जहा देश को सबसे ज्यादा महसूल शराब से मिलाता है. लेकिन भारत के किसी राज्यों आब शराब बंदी की गयी है. उनमे से एक राज्य है बिहार. बिहार में शराब बंदी होने बाद वहाके शराब विक्रेताओं में खलबल मच गई और वह अपने पास की शराब बहार निकलवाने में लग गए. लेकिन फिर भी बिहार के गोदामों में बेहत सारी शराब होने की खबर सामने आई इस बारेमे उन शराब व्यापारिओं ने कोर्ट में मांग की थी की उन्हें यह स्टॉक बहार नेकालनेके लिए कुछ समय मिले. उसपर सुप्रीम कोर्ट ने शराब व्यापारिओं की तरफ निर्णय सुनवा दिया है. बिहार के गोदामों में रखी २०० करोड़ की शराब के स्टॉक के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के विरोध के बावजूद बिहार के गोदामों में रखी शराब निकालने के लिए ३१ जुलाई तक का वक्त दे दिया है. बिहार सरकार ने अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि ३१ गोदामों में करीब २ करोड़ ८० लाख बोतलें रखी हैं, जिनमें से सिर्फ १० लाख बोतलें ही निकाली गई हैं.

बिहार के इस शराब के स्टॉक की सुरक्षा के लिए सरकार का हर महीने एक करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं.राज्य में शराब रखी होने की वजह से कानून-व्यवस्था के खराब होने की आशंका है. इसपर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से कहा कि जब शराब सरकार की सुरक्षा में है तो फिर ये बाहर कैसे बिकेगी. निर्णय देते हुए कोर्ट ने कंपनियों से कहा कि इसके बाद और वक्त नहीं मिलेगा. वहीं कंपनियों का कहना था कि कंपनियों ने शराब को दूसरे राज्यों को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.


शराबबंदी के चलते बिहार में शराब निर्माता कंपनियों के गोदामों में रखे २०० करोड़ रुपये के शराब के स्टॉक पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. कंपनियों ने बिहार में गोदामों में पड़े शराब के स्टॉक को निकालने के लिए तीन महीने का वक्त और बढ़ाने की मांग की थी. याचिका में कहा गया कि स्टॉक को निकालने के लिए कंपनियों को और वक्त चाहिए, ३१ मई तक गोदाम से सारा स्टॉक नहीं निकाला जा सकता.


बिहार में शराब बंदी के बाद सुप्रीम कोर्ट ने ३१ मार्च को शराब निर्माता कंपनियों को ३१ मई तक बिहार से शराब का सारा स्टॉक निकालने की इजाजत दी थी. शराब कंपनियों की ओर से कहा गया कि शराबंदी कानून के वक्त उनके गोदामों में शराब का स्टोर में पड़ा है. कोर्ट सरकार को आदेश दे कि वह ये स्टॉक निकालने के लिए तीन महीने की वक्त दे. वहीं बिहार सरकार की ओर से कहा गया कि सरकार ने ३० मार्च को ही प्रस्ताव पास किया है कि ३० अप्रैल तक कंपनियां गोदाम से शराब निकाल सकती हैं. अब सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद कंपनियों को दो महीने का वक्त देते हुए कहा था कि ३१ मई तक गोदाम से स्टाक निकाल लिया जाए.

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