मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस में मुख्य आरोपियों को सजा का ऐलान – दि फिअरलेस इंडियन
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मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस में मुख्य आरोपियों को सजा का ऐलान

  • hindiadmin
  • September 7, 2017
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मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस में अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. इसके साथ ही विशेष टाडा अदालत ने उसके साथी करीमुल्लाह शेख को भी उम्रकैद की सजा देते हुए २ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. रियाज सिद्दिकी को १० साल की सजा, ताहिर मर्चेंट और फिरोज अब्दुल राशिद खान को फांसी की सजा और एक अन्य दोषी मुस्तफा दोसा का दिल का दौरा पड़ने से पहले ही मौत हो चुकी है. मुंबई विस्फोट के २४ साल बाद अदालत ने अबू सलेम सहित छह लोगों को दोषी करार दिया था, जबकि एक आरोपी को दोषमुक्त कर दिया था.

१२ मार्च १९९३ में मुंबई में सीरियल ब्लास्ट हुए थे, जिसमें २५७ लोगों की मौत हो गई थी और ७०० से ज्यादा लोग घायल हुए थे. इस हमले में दोषी पाए गए आरोपियों में पुर्तगाल से २००५ में प्रत्यर्पित कर लाया गया माफिया डॉन अबू सलेम, मुस्तफा दोसा, मोहम्मद ताहिर मर्चेट, करीमुल्लाह खान, रियाज सिद्दीकी और फिरोज अब्दुल राशिद खान शामिल हैं. मुस्तफा को संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पित कर लाया गया था, जिसकी हाल ही में मौत हो गई है.

एक अन्य प्रमुख आरोपी अब्दुल कयूम को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया था. फिल्म स्टार संजय दत्त के घर हथियार और गोला-बारूद पहुंचाने में कयूम ने सलेम का साथ दिया था. कयूम को १३ फरवरी, २००७ को गिरफ्तार किया गया था. मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक सलेम पर हथियार और गोलाबारूद सहित एके-47 राइफल और हथगोला आपूर्ति का आरोप था, जिसका विस्फोट में इस्तेमाल किया गया था. इसे गुजरात से मुंबई लाया गया था.

प्रत्यर्पण संधि का अबू सलेम को मिला फायदा
विशेष अदालत ने २०१३ में सीबीआई की याचिका पर सलेम के खिलाफ कुछ आरोप हटा दिए थे. इस याचिका में सीबीआई ने उन आरोपों को भारत और पुर्तगाल के बीच हुई प्रत्यर्पण संधि के विपरीत बताया था. आरोपियों को व्यक्तिगत तौर पर या संयुक्त तौर पर प्रमुख आरोपों के लिए दोषी करार दिया गया. इसमें साजिश रचने, आतंकवाद, गोला-बारूद की आपूर्ति करने, हत्या, सार्वजनिक, निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप शामिल हैं.

बाबरी मस्जिद के बदले किया सीरियल ब्लास्ट
आरोप है कि ये विस्फोट ६ दिसंबर, १९९२ के बाबरी मस्जिद विध्वंस के बदले के तौर पर किया गया था. विध्वंस के बाद मुंबई में दिसंबर १९९२ और जनवरी १९९३ में दो चरणों में खूनी सांप्रदायिक दंगे हुए थे. अभियोजनन पक्ष ने कहा था कि दाऊद गिरोह के सदस्यों ने अपने स्थानीय गुंडों टाइगर मेनन, दोसा भाइयों के साथ मिलकर मुंबई में आतंकी कृत्य की साजिश रची थी. इसके लिए दोसा के साथ टाइगर, छोटा शकील ने प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए थे.

फिल्म अभिनेता संजय दत्त काट चुके हैं सजा-
इससे पहले इसी मामले में विशेष टाडा अदालत ने १०० आरोपियों को दोषी करार दिया था. इसमें याकूब अब्दुल रजाक मेनन भी शामिल था, जिसे ३० जुलाई, २०१५ को फांसी दी गई. फिल्म अभिनेता संजय दत्त को आतंकवाद के आरोपों से बरी किया गया, लेकिन उन पर शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा चलाया गया और दोषी करार दिया गया था. संजय दत्त ने अपनी पूरी सजा काटी और उन्हें फरवरी २०१६ में जेल से रिहा किया गया है.

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