यह है भारत का पहिला थीम बेस्ड सुरेन्द्र्पुरी पौराणिक पार्क – दि फिअरलेस इंडियन
Home / तथ्य / यह है भारत का पहिला थीम बेस्ड सुरेन्द्र्पुरी पौराणिक पार्क

यह है भारत का पहिला थीम बेस्ड सुरेन्द्र्पुरी पौराणिक पार्क

  • hindiadmin
  • September 23, 2017
Follow us on

अभी तक आपने थीम पार्क, थीम वाटरपार्क और थीम रेस्तरां और कैफे में बारे में सुना होगा, लेकिन जनाब आज मै आपको बताने जा रहे हैं थीम बेस्ड सुरेंद्रपुरी पौराणिक पार्क के बारे में. जी हां पौराणिक पार्क के बारे में..जहां आप एक ही दिन में कश्मीर से कन्याकुमारी तक के देवी देवताओं के मंदिर के दर्शन कर लेंगे. अब आप सोच रहे होंगे कि, आखिर यह जगह है कहां?

तो हम आपको सब बतायेंगे, लेकिन उससे पहले बतायेंगे कि ये खोज किसकी है? ये खोज है 70 वर्षीय श्री कुंड सत्यनारायण की. श्री कुंड सत्यनारायण ना ही ज्यादा पढ़े लिखे व्यक्ति है ना ही इन्होने किसी भी धार्मिक यात्रा का कोई अनुभव किया है, लेकिन जब इन्होने इनके छोटे बेटे सुरेन्द्र बाबू की मौत हुई तो उन्होंने कुछ ऐसा करने का सोचा जिससे ये अपने बेटे से जुड़े रहे..जिसके लिए उन्होंने कुंड सत्यनारायण कला धामम सुरेंद्र्पुरी की स्थापना की.

कैसे पहुंचे यहां?

सुरेन्द्रपुरी एक अनोखी वन-स्प्रिंग गंतव्य है जहां आप सांस्कृतिक, कलात्मक और मूर्तिकला उत्कृष्टता को देख सकते हैं, कुंड सत्यनारायण कला धामम, एक तरह का पौराणिक थीम पार्क. इस स्थान के अन्य प्रमुख आकर्षण नागाकोटी (101 फुट शिव लिंग) और पंचमूखी हनुमान का मंदिर, पंचमुखी शिव और भगवान वेंकटेश्वर हैं. प्रवेश द्वार पर 60 फीट की दो तरफा पंचामूही हनुमान और शिव प्रतिमा आगंतुकों का ध्यान खींचती है.

कुंडा सत्यनारायण कलाधम

कुंडा सत्यनारायण कलाधम-
कुंडा सत्यनारायण कलाधम एक आध्यात्मिक और पौराणिक जागरूकता केंद्र है जहां पर्यटक प्राचीन भारतीय महाकाव्यों का आनंद उठा सकता है. भारत के अधिकांश ऐतिहासिक मंदिर यहां पुनर्निर्मित किये जाते हैं. प्रकृति की सुंदरता के बीच में शांति के विशाल अनुभव के लिए सप्त लोकस पर जाएँ. यह कला और धर्म के एक शानदार गहने से उभरने के रूप में जीवंत भावनाएं पेश करता है. कलाधमम रामायण, महाभारत, भागवतम, बुद्ध और कई और अधिक पौराणिक घटनाओं को दर्शाता है.

3,000 से अधिक मूर्तियों के साथ 3 किमी के विशाल पैदल मार्ग, महाकाव्य काल के प्रतिकृति के लिए एक खुश दौरा प्रदान करता है. एक समग्र अनुभव के लिए यह जगह एक महत्वपूर्ण यात्रा है यहां आगंतुकों को प्राचीन महाकाव्यों के बारे में अपने ज्ञान को ताज़ा किया जा सकता है.

हनुमान की मूर्ति

हनुमान की मूर्ति-
सुरेंद्र्पुरी में घुसते ही पर्यटक पंचमुखी हनुमान की 60 फीट की मूर्ति को देख सकते हैं. उसके पीछे ही पंचमुखी शिवजी की मूर्ति भी है. एक शानदार वास्तुशिल्प के रूप में पंचामूखी शिव का दर्शन मिलता है.

भारत के मंदिर

भारत के मंदिर-
पर्यटक इस थीम पार्क में कश्मीर से कन्याकुमारी तक के सभी मंदिरों के दर्शन कर सकते है. यहां हम एक ही स्थान पर भारत के सभी प्रसिद्ध मंदिरों का जीवन-आकार प्रतिकृतियां देखने को मिलते हैं। एक नज़र में हम कश्मीर से कन्याकुमारी तक मंदिर देख सकते हैं. स्थानीय रूप से कुंडा सत्यनारायण कलाधम के नाम से भी जाना जाता है, यह जगह आपको भारत में सभी प्रमुख तीर्थयात्राओं के सभी देवताओं की पूजा करने का अवसर भी देता है.

आठ संसारों का पुन: निर्माण

आठ संसारों का पुन: निर्माण-
महाकाव्यों में उल्लेखित आठ संसारों का पुन: निर्माण किया गया है और आप ब्रम्हलोक, विष्णुलोक, शिवालोक, नागलोक, इंद्रलोक, यमालोक, नारकालोक, पटाललोक का अनुभव यहां महसूस कर सकते हैं. यहां आप कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी के सभी मंदिरों को आराम से घूम और देख सकते हैं.

सुरेन्द्रपुरी

सुरेन्द्रपुरी
सुरेन्द्रपुरी में, पद्मव्यूहम की स्थापना की गई है, जिससे आप महाभारत के युद्धभूमि में प्रवेश कर चुके हैं और हर कहानी आपको जीवन में सीखने का महत्व देती है. अभिमन्यु कौरवों की चाल का शिकार कैसे होता है क्योंकि वह आधे ज्ञान के साथ चक्रव्यूह में जाता है, आपको यह महसूस होता है कि, जब तक आपको पूरी जानकरी ना हो तब तक आपको कोई भी काम नहीं करना चाहिए.

कामधेनु की कॉफ़ी

कामधेनु की कॉपी-
मूर्तियों महाकाव्य कहानियों का वर्णन करती हैं और इसे आगंतुकों के लिए जीवंत बनाते हैं. इतना ही नहीं इस जगह आपको हनुमान के हाथों से प्रसाद मिलता है, तथा कामधेनु की कॉपी भी….है ना अद्भुत.

कैसे पहुंचे यहां?
यदि आप किसी बाहरी देश से आ रहे हैं तो यहां किसी भी बन्दरगाह और हवाई अड्डे से पहुंच सकते हैं. सुरेन्द्रपूरी का नजदीकी हवाईअड्डा हैदरबाद हवाईअड्डा है. जहां से आप आसानी से बस या टैक्सी द्वारा इस म्यूजियम में पहुंच सकते हैं.

कब करें दर्शन

कब करें दर्शन-
यह कालाधाम सोमवार से रविवार सुबह 09.00 बजे से 07.00 बजे तक खुला रहता है और मंदिर 06.30 बजे से शाम 01.00 बजे और 03.00 बजे से 08.00 बजे तक प्रति व्यक्ति 350 / – रूपए के प्रवेश टिकट के साथ खुले हैं.

Comments

You may also like

यह है भारत का पहिला थीम बेस्ड सुरेन्द्र्पुरी पौराणिक पार्क
Loading...