राष्ट्रपति चुनाव दलित बनाम दलित – दि फिअरलेस इंडियन
Home / समाचार / राष्ट्रपति चुनाव दलित बनाम दलित

राष्ट्रपति चुनाव दलित बनाम दलित

  • Shyam kadav
  • June 28, 2017
Follow us on

भारत में कुछ दिनों बाद होनेवाले राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी बड़ी जोरों से चल रही है. देखा जाए तो भारत में जिस पार्टी की केंद्र में सत्ता होती है उस पार्टी का राष्ट्रपति चुनाव में ज्यादा वजन होता है. वर्तमान में राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा के साथ बहुमत के लिए काफी वोट है जिसके जरिये वह यह चुनाव जित सकते है. भाजपा ने इस बार दलित उम्मीदवार देकर दलित कार्ड खेला है और दलितों को अपने करीब खीचने का प्रयास किया है. राजनीति अभ्यासकों के और से कहा जा रहा है की आगामी लोकसभा चुनाव के चलते भाजपा ने दलित उम्मीदवार खड़ा किया है. भाजपा के इस निर्णय पर कांग्रेस बोखलाई गई है और उन्होंने भी अपनी और से दलित उम्मीदावर उतारा है.

कांग्रेस की और से १७ विपक्षी दलों की साथ से उम्मीदवार मीरा कुमार ने आज अपना नामांकन दाखिल किया है. इस दौरान मीरा कुमार के साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और लेफ्ट के सीताराम येचुरी जैसे यूपीए के कई बड़े नेता मौजूद थे. यहां पर लालू प्रसाद यादव नहीं नज़र आए. हैरानी की बात यह है की नामांकन के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी नहीं नज़र आए लेकिन उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘बांटने की नीति के खिलाफ मीरा कुमार देश और लोगों को बांधे रखने की विचारधार में विश्वास रखती हैं. मीरा कुमार को उम्मीदवार बनाने पर हमें गर्व है.

मीरा कुमार का मुकाबला एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद से हैं जो की बिहार के राज्यपाल रहे है और एक दलित नेता माने जाते है. इसबात पर नामांकन से पहले जब मीरा कुमार से सवाल किया तो उन्होंने कहा,मेरा मुकाबला एक विचारधारा से है जिससे मैं बिल्कुल सहमत नहीं हूं. जिस विचारधारा को मैं लेकर चली हूं बहुत मजबूती के साथ मैं उस पर खड़ी हूं. लेकिन दलित बनाम दलित लड़ाई पर भी मीरा कुमार चुप नहीं रहीं. उन्होंने कहा,  अब हम २१वीं सदी में आ गए हैं और मैं देशवासियों से अनुरोध करती हूं कि देश के सर्वोच्च पद की इस लड़ाई को दलित बनाम दलित ना बनाया जाए.

कांग्रेस की उम्मीदवार मीरा कुमार बिहार के सासाराम की रहने वालीं देश के बड़े दलित नेता और देश के भूतपूर्व रक्षा मंत्री जगजीवन राम की बेटी हैं. इसके पहले लोकसभा की पहली महिला स्पीकर रही हैं. बतौर स्पीकर ‘बैठ जाइए, बैठ जाइए’ कहने की वजह से ज्यादा चर्चा में रही हैं. राष्ट्रपति चुनाव में मीरा कुमार को कांग्रेस सहित १६ दलों का समर्थन हासिल है. मीरा कुमार के समर्थन में ३ लाख ७७ हजार ५७८ वोट हैं. जो की आधे से भी कम वोट है. राष्ट्रपति चुनाव के लिए अभी कुल वोटों का मूल्य १० लाख ९६ हजार ७१ है. मीरा कुमार के समर्थन में करीब ३४.४ फीसदी वोट है लेकिन चुनाव जीतने के लिए ५ लाख ४८ हजार ३६ वोट चाहिए. अखाड़ों की माने तो मीरा कुमार की जीतने की उम्मीद बेहद कम है और रामनाथ कोविंद की जीत लगभग तय है. मीरा कुमार के समर्थन में कांग्रेस सहित आरजेडी, एसपी, बीएसपी, डीएमके, नेशनल कॉन्फ्रेंस,  आरएलडी, जेडीएस, जेएमएम, टीएमसी, लेफ्ट, एनसीपी, केरल कांग्रेस, आईयूएमएल, एआईयूडीएफ ऐसे १७ विपक्षी दलों का साथ है.

 

Comments

You may also like

राष्ट्रपति चुनाव दलित बनाम दलित
Loading...