महिलाओं की दुर्दशा देखनी है तो… – दि फिअरलेस इंडियन
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महिलाओं की दुर्दशा देखनी है तो…

  • hindiadmin
  • September 27, 2017
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महिलाओं की सुरक्षा अपने आप में ही बहुत विस्तृत विषय है. यह बात तो सौ प्रतिशत सच है कि भारतीय समाज में महिला को देवी लक्ष्मी के समान पूजा जाता है. पर महिलाओं के प्रति नकारात्मक पहलू को भी नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता. पिछले कुछ सालों में महिलाओं के प्रति बढ़ते अत्याचारों को देखकर हम यह तो बिलकुल नहीं कह सकते की हमारे देश में महिला पूर्ण तरीके से सुरक्षित है.

गुजरते एक एक पल में महिला का हर स्वरुप शोषित हो रहा है फिर चाहे वो माँ हो, बेटी हो, बहन हो, पत्नी हो या 5-7 साल की छोटी बच्ची ही क्यों न हो. हर जगह नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ की जा रही है. उन्हें परेशान किया जा रहा है. राह चलते फब्तियां कसी जा रही है. सड़के, सार्वजनिक स्थल, रेल, बस आदि असामाजिक तत्वों के अड्डे बन गए है। महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस करती है खास तौर पर अगर उन्हें अकेले बाहर जाना हो तो. यह वाकई हमारे लिए शर्मनाक है की हमारे देश में महिलाओं को भय में जीना पड़ रहा है. हर परिवार के लिए उनकी महिला सदस्यों की सुरक्षा चिंता का मुद्दा बन चुका है.

इन्हीं मुददो को ध्यान में रखकर केरल की वामपंथी नेत्री केआर गौरी अम्मा ने महिला सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को साड़ी पहनने की सलाह दी. 98 वर्षीय कम्युनिस्ट नेता ने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि महिलाओं की दुर्दशा को अगर वह समझना चाहते हैं तो वह साड़ी पहनकर आस पास घूमकर देखें.

गौरी अम्मा बुधवार को राज्य विधानसभा के हीरक जयंती उत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित कर रही थीं. मुख्यमंत्री और विधानसभा के पूर्व सदस्य कार्यक्रम में उपस्थित थे.

अम्मा ने कहा, ‘‘मैं विधायक रहने के दौरान रात 10 बजे भी घर लौटा करती थी. लेकिन आज स्थिति बदल गई है. महिलाओं को जो समस्याएं हो रही हैं उसे तभी जान पाएंगे, जब आप सड़क पर जाएंगे.’’ गौरतलब है कि गौरी अम्मा 1957 में ईएमएस नंबूदरीपाद के नेतृत्व वाली केरल की प्रथम कम्युनिस्ट सरकार की सदस्य थीं. वह कम्युनिस्ट सरकारों में 1967, 1980 और 1987 में मंत्री भी रह चुकी हैं.

क्या महिलाओं की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी नहीं हैं?

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