शहीदों के साथ ये कैसा सलूक? जवानों के शवों को… – दि फिअरलेस इंडियन
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शहीदों के साथ ये कैसा सलूक? जवानों के शवों को…

  • hindiadmin
  • October 9, 2017
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मातृभूमि की सेवा करते हुए देश का कोई जवान शहीद होता है तो उसके शव को तिरंगे में लपेट कर लाने का रिवाज है. सैनिक के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाती है. मगर अरुणाचल प्रदेश के तवांग इलाके में वायुसेना के हेलिकॉप्टर क्रैश में मारे गए सात लोगों के शव जिस हाल में आए उससे पूरा देश शर्मसार हो गया.

शहादत के दो दिन बाद इन सैनिकों के शवों को कथित तौर पर प्लास्टिक की बोरियों में लपेटे जाने और कार्डबोर्ड में बंधे होने की तस्वीरें सामने आने पर लोगों में आक्रोश फैल गया. सोशल मीडिया पर लोगों ने इसका जमकर विरोध कर रहे हैं और गुस्सा जाहिर कर रहे हैं.

क्रिकेटर गंभीर ने भी इस घटना को शर्मनाक बताया. गंभीर ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘IAF क्रैश के शहीदों के शव…शर्मनाक! माफ़ करना ऐ दोस्त, जिस कपड़े से तुम्हारा कफ़न सिलना था वो अभी किसी का बंद गला सिलने के काम आ रहा है!!!.’ इससे पहले भी गंभीर देश भक्ति और जवानों के प्रति अपना आदर प्रकट करते आए हैं. बीते दिनों गंभीर ने कश्मीर में शहीद हुए जवान की बेटी जोहरा की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने के ऐलान किया था.

पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इसपर नाराजगी जाहिर की थी. जिस तरह इन शवों को लाया गया था वो उनका अपमान करने जैसा था.

उत्तरी सैन्य कमान के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एच एस पनाग ने शवों की तस्वीर के साथ अपने ट्वीट में कहा कि सात युवा अपनी मातृभूमि भारत की सेवा करने के लिए दिन के उजाले में निकले और वे अपने घर इस तरह आए.’ इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सेना ने बयान में कहा कि ‘मृत सैनिकों को हमेशा पूर्ण सैन्य सम्मान दिया जाता है. शवों को बॉडी बैग्स, लकड़ी के बक्से, ताबूत में लाया जाना सुनिश्चित किया जाएगा.’

बाद में सेना की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में सीमित संसाधनों के कारण हेलिकॉप्टर ज्यादा भार नहीं ले जा सकते. साथ ही यह भी कहा गया कि बॉडी बैग्स या ताबूत के बजाय शव उपलब्ध स्थानीय संसाधनों में लपेटे गए. यह एक भूल थी.’ बयान में कहा गया कि गुवाहाटी बेस अस्पताल में पोस्टमार्टम के तुरंत बाद शवों को पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ लकड़ी के ताबूत में रखा गया.

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